रेलवे ट्रैक पर मिले किशोर के शव मामले में सीमा विवाद पर उलझी FIR, 5 घंटे बाद खुला चक्काजाम
हरपालपुर (छतरपुर)। हरपालपुर की राजपूत कॉलोनी निवासी 16 वर्षीय राज अनुरागी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में रेलवे ट्रैक पर मिलने के बाद शुक्रवार को क्षेत्र में भारी तनाव फैल गया। आक्रोशित परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए शव को हरपालपुर थाने के सामने सड़क पर रखकर करीब 5 घंटे तक चक्काजाम किया। मामले में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश पुलिस के बीच सीमा विवाद के चलते एफआईआर दर्ज होने में तकनीकी पेंच फंस गया, जिसे सुलझाने के लिए दोनों राज्यों की पुलिस को संयुक्त रूप से मशक्कत करनी पड़ी।
मारपीट के बाद से लापता था किशोर
मृतक राज अनुरागी (16) पुत्र ग्याप्रसाद अनुरागी 19 अगस्त से लापता था। परिजनों का आरोप है कि बच्चों के मामूली विवाद के बाद खेमराज निरंजन, पितपाल और अन्य लोगों ने राज के साथ गंभीर मारपीट की थी। परिजनों ने हरपालपुर थाने में शिकायत भी दी थी, लेकिन त्वरित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद शुक्रवार को उसका शव रेलवे ट्रैक पर मिला। इस बीच मामले से जुड़े कुछ कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने से आक्रोश और बढ़ गया।
सीमा क्षेत्र के फेर में फंसी एफआईआर
पोस्टमार्टम के बाद जब शव हरपालपुर पहुंचा तो परिजनों ने नामजद एफआईआर की मांग को लेकर सड़क जाम कर दी। पूर्व विधायक नीरज दीक्षित भी मौके पर पहुंचे और परिजनों का समर्थन किया।
एफआईआर दर्ज करने में मुख्य अड़चन घटनास्थल का क्षेत्राधिकार बनी। दरअसल, किशोर का शव उत्तर प्रदेश सीमा के अंतर्गत घुटाई रेलवे ट्रैक के पास मिला था, जो महोबकंठ थाना (जिला महोबा, उत्तर प्रदेश) के कार्यक्षेत्र में आता है। इसी वजह से मध्य प्रदेश की हरपालपुर पुलिस सीधे तौर पर शून्य के बजाय नियमित एफआईआर दर्ज नहीं कर पा रही थी, जबकि परिजन हरपालपुर में ही तुरंत मुकदमा कायम करने पर अड़े थे।
महोबकंठ थाना प्रभारी के पहुंचने पर सुलझा मामला
स्थिति बिगड़ती देख एसडीओपी अमित मेश्राम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद उत्तर प्रदेश के महोबकंठ थाना प्रभारी को भी मौके पर हरपालपुर बुलाया गया। दोनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को कानूनी व तकनीकी प्रक्रिया समझाई और स्पष्ट किया कि घटना महोबकंठ थाना क्षेत्र की होने के कारण वैधानिक कार्रवाई और केस डायरी वहीं से संचालित होगी।
निष्पक्ष जांच, महोबकंठ थाने में त्वरित वैधानिक कार्रवाई और हरपालपुर पुलिस के पूर्ण सहयोग के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। करीब 5 घंटे बाद जाम खुलवाया जा सका और यातायात बहाल हुआ।
पुलिस का बयान
हरपालपुर थाना प्रभारी राजेश सिंह सिकरवार के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन परिजनों की हत्या की आशंका और वायरल ऑडियो की जांच की जा रही है। वास्तविक कारण विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट और महोबकंठ पुलिस की संयुक्त विवेचना के बाद ही स्पष्ट होगा। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल तैनात है।
बुन्देली न्यूज
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