पन्ना टाइगर रिजर्व के मनियागढ़ पहाड़ में गड़े धन (दफीना) की खोज में जुटे गिरोह का भंडाफोड़: 4 गिरफ्तार, 4 फरार,
चंद्रनगर (पन्ना):पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR) के कोर/बफर क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक मनियागढ़ पहाड़ पर गड़े धन (दफीना) की अवैध खुदाई की साजिश को वन विभाग की टीम ने नाकाम कर दिया है। पन्ना रेंज अंतर्गत चंद्रनगर के वन कर्मियों ने समय रहते घेराबंदी कर चार आरोपियों को धर दबोचा, जबकि उनके चार अन्य साथी मौके का फायदा उठाकर घने जंगलों में भागने में सफल रहे।मेटल डिटेक्टर और आधुनिक औजार बरामदवन विभाग की गश्ती टीम को सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति मनियागढ़ पहाड़ की ओर बढ़ रहे हैं। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और चार आरोपियों को हिरासत में लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से एक बैग और एक संदूक (बक्सा) बरामद हुआ। जब बक्से को खोला गया, तो उसमें जमीन के भीतर धातु व दबे हुए खजाने का पता लगाने वाला आधुनिक मेटल डिटेक्टर तथा खुदाई में इस्तेमाल होने वाले कई औजार बरामद किए गए।ऐतिहासिक खंडहरों को बनाते थे निशानापूछताछ व प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह मनियागढ़ पहाड़ स्थित महाराज बिहारी टावर के आसपास के पुराने मकबरों, प्राचीन राजा-शाही बस्तियों तथा ऐतिहासिक खंडहरों को निशाना बनाता था। गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद सुनियोजित थी—वे सबसे पहले मेटल डिटेक्टर की मदद से जमीन के नीचे धातु या प्राचीन सिक्कों/खजाने की मौजूदगी की पुष्टि करते थे और फिर योजना बनाकर रातों-रात खुदाई को अंजाम देते थे। गनीमत रही कि इस बार वे खुदाई शुरू कर पाते, उससे पहले ही वन कर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया।आरोपियों की पहचानगिरफ्तार किए गए आरोपियों में स्थानीय और अंतरराज्यीय लोग शामिल हैं: * बिहारी लाल पटेल – निवासी टपरियन, चंद्रनगर (पन्ना) * छोटे लाल राजपूत – निवासी जिला बांदा (उत्तर प्रदेश) * चन्द्रिका प्रसाद तिवारी – निवासी जिला बांदा (उत्तर प्रदेश) * नारायण कोरी – निवासी जिला बांदा (उत्तर प्रदेश)घटनास्थल से फरार हुए चार अन्य आरोपियों की तलाश में वन विभाग की टीमें जुटी हुई हैं।सख्त धाराओं में मामला दर्ज, भेजे गए जेलटाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश और अवैध गतिविधियों के चलते वन विभाग ने आरोपियों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत कड़े प्रावधानों में मामला दर्ज किया है:

* धारा 27: संरक्षित क्षेत्र में अवैध प्रवेश * धारा 31: संरक्षित क्षेत्र में हथियार/प्रतिबंधित उपकरण रखना * धारा 35(6): अभयारण्य/रिजर्व में वन्यजीवों व उनके आवास को नुकसान पहुंचाना * धारा 39(ख) व धारा 52: अन्य संबंधित उल्लंघन एवं जब्ती प्रावधानगिरफ्तारी के बाद चारों आरोपियों को सक्षम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
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