दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज, कई छात्र गंभीर रूप से घायल

Bundele News
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राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच भारी बवाल देखने को मिला। स्थिति को काबू में करने के लिए दिल्ली पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्रों के घायल होने की खबर है। आनन-फानन में घायल छात्रों को राम मनोहर लोहिया (RML) और अन्य नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
​कैसे शुरू हुआ विवाद?
​प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में छात्र शिक्षा, रोजगार और हालिया परीक्षाओं में हुई कथित धांधली को लेकर जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
​दोपहर के समय जब छात्रों का हुजूम संसद मार्ग की तरफ मार्च निकालने के लिए आगे बढ़ा, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर दी। जब छात्रों ने बैरिकेड्स लांघने और तोड़ने की कोशिश की, तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की कार्रवाई
​वाटर कैनन का इस्तेमाल: भीड़ को तितर-बितर करने और उग्र होते छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने सबसे पहले वाटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल किया।
​लाठीचार्ज: जब स्थिति बेकाबू होने लगी, तो पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज कर दिया।
​अफरा-तफरी का माहौल: लाठीचार्ज होते ही मौके पर भगदड़ मच गई। इस कार्रवाई में कई छात्रों को सिर, हाथ और पैरों में चोटें आई हैं। कुछ महिला प्रदर्शनकारियों को भी चोटें लगने की सूचना है।
​दोनों पक्षों के बयान
​पुलिस का पक्ष:

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनकारी छात्रों ने उग्र रूप धारण कर लिया था और उन्होंने कानून-व्यवस्था तोड़ने का प्रयास किया। पुलिस ने बार-बार शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन जब छात्र नहीं माने तो मजबूरी में हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने मौके से कई प्रदर्शनकारी छात्रों को हिरासत में भी लिया है।
​छात्र नेताओं का आरोप:
वहीं दूसरी ओर, छात्र संगठनों और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। छात्रों का आरोप है कि उनका प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस ने बिना किसी चेतावनी के निहत्थे छात्रों पर बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसाईं। छात्रों ने इसे अपनी आवाज दबाने की तानाशाही कोशिश करार दिया है।

मौजूदा स्थिति

इस घटना के बाद से जंतर मंतर और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल है। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है तथा भारी संख्या में पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों को तैनात किया गया है। प्रशासन पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।

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